पूर्व नेता ने दिया भाजपा को दुगना झटका, पार्टी छोड़ी और मिला लिया भाजपा के विरोधियों से हाथ

बीजेपी के पूर्व नेता, दो बार के राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के चार विधायकों ने शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में पार्टी का दामन थाम लिया।

द पायनियर समाचार पत्र के प्रबंध निदेशक और संपादक मित्रा ने इस सप्ताह की शुरुआत में बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने मध्य कोलकाता में आयोजित विशाल रैली में मंच से मित्रा के पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। मित्रा को अगस्त 2003 में राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया था। साथ ही वह जून 2010 में मध्यप्रदेश से बतौर भाजपा उम्मीदवार के रूप उच्च सदन में दूसरे कार्यकाल के लिए भी निर्वाचित हुए थे।

उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के हुगली क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था। ऐसी खबरे थीं कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पार्टी पर नियंत्रण के बाद पिछले कुछ वर्षो से मित्रा को भाजपा से किनारे किया जा रहा है।
खबरों के मुताबिक मित्रा के अलावा, राज्य के चार कांग्रेसी विधायकों -समर मुखर्जी, अबु ताहीर, सबीना यास्मिन और अखरुज्जमान- ने भी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। माकपा के पूर्व सांसद

मोईन-उल-हसन भी रैली में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए। हसन ने पार्टी से अलग होने की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी, उसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

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