सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल को लेकर लगाई योगी सरकार को फटकार, कहा यहाँ तमाशा या कॉमेडी…

दुनिया के सात अजूबा में से एक ताज महल को लेकर देश में पिछले दिनों कई बार सियासत गरमाई। अब जब ताज महल के संरक्षण का मुद्दा उठा तो सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र में मौजूद मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को फटकार लगाई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि ताजमहल के संरक्षण और ट्रेपेजियम जोन के पुनर्विकास के लिये दोनों (केंद्र और राज्य) में से कौन जिम्मेदार है। अदालत का कहना है कि इस काम के लिये किसी एक प्राधिकरण की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। ट्रेपेजियम जोन के अंतर्गत स्मारक के आस-पास लगभग 10,400 वर्ग किमी क्षेत्र आता है जिसे प्रदूषण से बचाने की कवायद की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने ताजमहल की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दृष्टिपत्र पेश किया था। यह दृष्टिपत्र 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पेश किया गया था। राज्य सरकार ने ताजमहल संरक्षण के लिए बन रहे विजन डॉक्यूमेंट का शुरुआती ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था। जिसमें कहा गया है कि स्मारक के संरक्षण को लेकर अब ताज के आसपास के इलाके में प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद होगा और बोतलबंद पानी की भी मनाही होगी।

रिपोर्ट के अनुसार सुनवाई के दौरान जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि इस काम के लिये एक प्राधिकरण होना चाहिये, जो इसकी जिम्मेदारी ले। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश किये गये विजन डॉक्यूमेंट पर नाराजगी जाहिर करते हुये उन्होंने कहा कि हालत यह है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग के बिना ही विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। वही केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कहना है कि एएसआई ट्रेपेजियम जोन में स्थित उद्योगों के स्थानांतरण के लिये जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यूनेस्को दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन को अपनी हेरिटेज जोन की सूची से हटाने की तैयारी कर रही है और ऐसे में अगर ताजमहल को इस सूची से हटा दिया गया तो यह देश के लिए काफी शर्मिंदगी की बात होगी।

NDTV के मुताबिक न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि टीटीजेड क्षेत्र में प्रदूषण करने वाले 1167 उद्योग धंधे चल रहे हैं। पीठ ने कहा कि 1996 में शीर्ष अदालत के एक आदेश के बाद गठित टीटीजेड प्राधिकरण ‘फ्लॉप’ रहा है और ऐसा लगता है कि इस मामले में ‘तमाशा’ हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि आपके पास एक कॉमेडी चैनल होना चाहिए। ताज ट्रैपेजियम जोन करीब 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसके दायरे में उप्र के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा तथा राजस्थान का भरतपुर जिला शामिल है।

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