क्या बीजेपी दो नेताओं की पार्टी है? अमित शाह के जवाब ने मचाई ख़लबली

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को ही भाजपा की ज़्यादातर राज्यों मिली सफलता के पीछे माना जाता है। कुछ लोगो का कहना है कि भाजपा केवल दो लोगो की पार्टी है। वही इंडियन एक्स्रेस को दिए एक इंटरव्यू में जब अमित शाह से पूछा गया कि क्या भाजपा केवल दो नेताओं की पार्टी? इस सवाल के जवाब में अमित शाह ने एक चौकाने वाली बात कही।

इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि ऐसा कौन बोलता है.. विपक्षियो के अलावा? बीजेपी के अंदर भी कुछ लोग ऐसे है जो ऐसा कहते है, वो ऑफ द रिकॉर्ड कहते है। इसपर शाह ने आगे कहा कि मुझे उनके नाम बताइये. शाह के इस जवाब पर उनसे कहा गया कि डर के कारण लोग उनके सामने कुछ नहीं बोलेंगे। शाह ने इसपर कहा कि कोई भी ऐसी बात ऑफ द रिकॉर्ड में भी नहीं बोलेगा, मेरे पीठ पीछे भी नहीं कहेगा, क्योकि मुश्किल से ही यहां कुछ ऑफ द रिकॉर्ड में भी नहीं बोलेगा, मेरे पीठ पीछे भी नहीं कहेगा, क्योकि मुश्किल से ही यहां कुछ ऑफ द रिकॉर्ड होता है। इसलिए यह सही है. यह ऐसी धारणा है जिसे बनाया जा रहा है।

उनसे पूछा गया कि आप यात्राए बहोत करते है. क्या आपको मोदी लहर में कुछ बदलाव दिख रहे है? इसपर शाह ने कहा कि कुछ भी नहीं। बल्कि यह और मज़बूत हो गयी और यह मोदीजी के नेतृत्व वाली भाजपा के लिए मज़बूत है। इसके पीछे कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर जो हाल है और हम जो काम कर रहे है। मै स्वयं सभी हालात पर नज़र बानाए हुए हू और रोड पर अबतक 7 लाख किलोमीटर तक सफ़र कर चूका हू। हमारे पक्ष में हर चीज़ जा रही है, चाहे वो मोदी सरकार का काम से हो या कमज़ोर विपक्ष से।

हाल ही में शिवसेना और भाजपा के बीच दरार सामने आई थी और शिवसेना नेताओं ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान दिए थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि शिवसेना भाजपा का साथ छोड़ सकती है। इस इंटरव्यू में शाह ने बताया कि शिवसेना आगे भी शिवसेना आगे भी हमारी सहयोगी रहेगी. मेरे पास हर कारण है जिससे भरोसा होता है कि यह हमारे साथ रहेगी। इसके बाद शाह से पूछा गया कि जब भाजपा की ताकत बढ़ रही है तो भाजपा को गठबंधन में शिवसेना जैसे दलों की क्या आवश्यकता, जो कांग्रेस से बड़ी आपकी आलोचक है? इसपर शाह ने कहा कि हमें सब चाहिए। हम सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते है। हमने कई राज्यों में अपने दम पर सरकार बनाई वही कई राज्यों में गठबंधन से सरकार बनाई है। हम 20 राज्यों में राज कर रहे है और इसीलिए हम चाहते है सब हमारे साथ आये।

उनसे जब पूछा गया कि क्या शरद पवार की एनसीपी के आपसे जुड़ने के कोई चांसेस है? इस पर शाह ने मुस्कुराते हुए कहा कि अभी तो शिवसेना ही हमारी सहयोगी है। उनसे पूछा गया कि क्या आप टीडीपी के पास वापस जाएँगे? इसपर शाह ने कहा कि कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने हमसे रिश्ता तोडा और हम भी वापस उनके पास नहीं जाएंगे।

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