रिपोर्ट में हुआ चौकाने वाला खुलासा, भाजपा को चलाने वाले हैं सिर्फ इस वर्ग से

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले कुछ वर्षो में पूरे देश में लगभग हर चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है और आज उसी का नतीजा है कि ज़्यादातर राज्यों और केंद्र में भाजपा की ही सरकार है। हालांकि 38 वर्षीय पुरानी पार्टी आज भी पिछड़ी जातियों में अपनी पहुच स्थापित नहीं कर पाई है। इसी को लेकर अब एक सर्वे हुआ है जिसमे चौकाने वाले खुलासे हुए है।

‘द प्रिंट’ द्वारा कराए गया यह सर्वे भाजपा में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यको की स्थिति पर आधारित है। इस सर्वे में बताया गया कि अब भी भाजपा में पिछड़े वर्ग को वो जगह नहीं मिल पायी है, जिसकी वो हकदार है. सर्वे रिपोर्ट में बताया गया कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकरिणी के 60 फीसदी पदों पर उंची जाति के लोग है।

इस सर्वे में सामने आया कि प्रदेश अध्यक्षों के 65 फीसदी पदों पर भी सामान्य वर्ग यानी उच्च जाति के लोग बैठे है। वही अगर भाजपा के संगठन जिला अध्यक्षो के पदों की बात करे तो इसपर भी 65 फीसदी उच्च जाती के लोग है। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि 36 प्रदेश अध्यक्षों में एक भी दलित नहीं है। इनमें से सात ब्राह्मण, 17 अगड़ी जाति के लोग, 6 आदिवासी, पांच ओबीसी और एक मुस्लिम है। यानी कुल 66 फीसदी पदों पर उच्च जाति के लोग काबिज हैं।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में भाजपा द्वारा दलितों को अपनी पार्टी से जोड़ने की मुहीम चलाई गई थी लेकिन शायद इस मामले में भाजपा कामयाब नहीं हो पा रही है। पिछले कुछ समय में कई बार दलितों ने सरकार के खिलाफ विरोध किया था। अब देखना यह है कि उच्च जातियों की तरह क्या भाजपा पिछड़ी जातियों के बीच अपनी जगह बना पाएगी?

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