NRC से बहार 40 लाख लोगो में पूर्व राष्ट्रपति के परिवार वाले शामिल, क्या ये भी है घुसपैठ

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का दूसरा ड्राफ्ट जारी होने के बाद सियासत तेज हो गई है। इसके तहत करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गये है। इस 40 लाख लोगो में कई लोग ऐसे भी है जिनके नाम सामने आने से लोग हैरत में पड़ गये है। दरअसल एनआरसी ड्राफ्ट में देश के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के रिश्तेदारों का नाम भी शामिल नहीं है।

स्क्रॉल डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार स्वर्गीय राष्ट्रपति के भतीजे जियाउद्दीन अली अहमद का परिवार असम के नागरिक पंजीकरण के राष्ट्रीय रजिस्टर में शामिल होने में सक्षम नहीं था, जिसे वर्तमान में 1951 से अनियंत्रित प्रवासियों का पता लगाने के लिए पहली बार अपडेट किया जा रहा है। अहमद ने बताया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योकि वे पूर्व राष्ट्रपति सहित उनके पूर्वजों को 1951 में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर या 1971 तक किसी भी चुनावी रोल पर नहीं ढूंढ पाए।

एनआरसी के नियमो के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को यह साबित करने की आवश्यकता होती है कि वे या उनके पूर्वजों ने 24 मार्च 1971 के मध्यरात्रि से पहले देश में प्रवेश किया था। ऐसा करने के लिए, उन्हें प्रमाण प्रस्तुत करना होता है कि पूर्वजों उस तारीख से पहले देश में रह चुके है और उन्हें एक डेटा प्रूफ लगाना होता है कि वह अपने पूर्वजो से जुड़े हुए है। प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि एनआरसी ड्राफ्ट में जिन लोगों के नाम छूट गए है उन्हें जरूरी दस्तावेज मुहैया कराने के लिए मौका दिया जाएगा। हालांकि ऐसे बहुत से लोगों को यह चिंता है कि बाढ़ और अन्य आपदा में उनके जरूरी दस्तावेज गायब हो चुके हैं।

आपको बता दें कि सोमवार को एनआरसी का दूसरा ड्राफ्ट जारी किया गया था। इसके तहत 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक मान लिया गया है। जबकि करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गए हैं। इस कदम के बाद भाजपा जहां इसे लाने का क्रेडिट ले रही है। वहीं, विरोध में विपक्ष एकजुट है।

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