तसलीमा नसरीन का NRC ड्राफ्ट को ले कर ममता पर हमला, जवाब मिला ‘तुम कब वापस जा रही हो?’

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का दूसरा ड्राफ्ट जारी होने के बाद सियासत तेज हो गई है। इसके तहत करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गये है। इसको लेकर अब विपक्ष जहां सरकार को घेरने की रणनीती बना रहा है वही अब बढ़ते जा रहे इस विवाद में बांग्लाधदेश की विवादास्पबद लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी छलांग मार दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता को उनके बयान पर घेरा वही एक बयान देते हुए कहा कि भारत में पर्याप्त मुस्लिम हैं और उसे अब पड़ोसी देशों के और ज्यातदा मुसलमानों की जरूरत नहीं है।

तसलीमा नसरीन ने एक ट्वीट कर कहा कि यह देखकर अच्छाो लगा कि ममता बनर्जी 40 लाख बांग्लार बोलने वालों के लिए इतनी ज्यातदा सहानुभूति रखती हैं। उन्होंरने यहां तक कह दिया है कि वह असम बाहर किए जाने वाले लोगों को वह शरण देंगी। उनकी यह सहानुभूति तब कहां थी जब उनकी विरोधी पार्टी ने मुझे पश्चिम बंगाल से बाहर कर दिया था।

अगले ट्वीट में तसलीमा ने कहा कि ममता के अंदर सभी बेघर बांग्लाव बोलने वालों के लिए के सहानुभूति नहीं है। यदि उनके अंदर होता तो उनके अंदर मेरे लिए भी होती और उन्होंने मुझे भी पश्चिम बंगाल में आने की अनुमति दी होती।

तसलीमा ने कहा कि बांग्लाrदेश की अर्थव्य2वस्थां पहले की अपेक्षा काफी सुधर चुकी है और बांग्लालदेशी प्रवासियों को वापस अपने देश लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्योक्ति को अवैध प्रवासी नहीं कहा जाना चाहिए। बांग्ला देश के लोग जो अवैध तरीके से भारत आए, उनका काम भारतीय कानून के मुताबिक अवैध है लेकिन वे अवैध नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती दौर में अच्छे जीवन की तलाश में मानव अफ्रीका से एशिया आया। उसके बाद से मानव एक जगह से दूसरे जगह जा रहा है। हमारे पूर्वज अवैध नहीं थे।

इसके बाद एक आपत्तिजनक टिपण्णी करते हुए तसलीमा नसरीन ने कहा कि भारत में पर्याप्ति मुस्लिम हैं। भारत को पड़ोसी देशों के और ज्या दा मुसलमानों की जरूरत नहीं है लेकिन समस्याश यह है कि भारत राजनेताओं को उनकी जरूरत है।

तसलीमा की इस टिपण्णी पर जल्द ही सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें जवाब देना शुरू कर दिया और पहले खुद उन्हें अपने देश वापस जाने की नसीहत दे डाली. एक यूज़र ने लिखा, ‘देश मे प्रयाप्त बांग्लादेशी है, देश को और बांग्लादेशियों की जरूरत नही। कृपया करके तस्लीमा नसरीन अपने देश वापस जाए।’ एक अन्य यूज़र ने लिखा, ‘तुम भी बंग्लादेश से भाग आई हुई हो भारतीयों को तुम्हारी भी आवश्यकता नहीं है।’ एक यूज़र ने पूछा कि फिर आप कब भारत छोड़ रही हो?

आपको बता दें कि एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार ममता ने कहा था, ‘असम में यह क्या चल रहा है? एनआरसी समस्या। ये सिर्फ बंगाली नहीं हैं, ये अल्पसंख्यक हैं, ये बंगाली हैं और ये बिहारी हैं। 40 लाख से ज्यादा लोगों ने कल रूलिंग पार्टी के लिए वोट किया था और आज अचानक अपने ही देश में उन्हें शरणार्थी बना दिया गया है।’ ममता ने कहा, ‘मैं अपनी मातृभूमि को ऐसी हालत में नहीं देखना चाहती, मैं मातृभूमि को बंटते हुए नहीं देखना चाहती।’

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