जिस अस्पताल में हुई थी दर्जनों बच्चो की मौत उसी अस्पताल पर लगा 5 लाख रूपए के घोटाले का आरोप

30 बीमार बच्चो की पिछले साल सही सुविधा न होने कारण मौत हो गयी थी जिसके बाद ये मामला सुर्ख़ियों में आ गया था। ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता कम्पनी के संचालक समेत नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले को लेकर काफी बवाल हुआ था। इस मामले में एक डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप भी लगा था जिसके बाद उनको जेल जाना पड़ा था। डॉ कफील पर लगे गंभीर आरोप बाद में ग़लत साबित हुए और उनको रिहा कर दिया गया था।

वहीँ जनसत्ता की एक रिपोर्ट के अनुसार योगी सरकार गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर फिर सुर्ख़ियों में है। योगी सरकार पर समाजवादी पार्टी ने आरोप लगते हुए इस पर सफाई मांगी है। सपा के जिलाध्यक्ष प्रसाद यादव ने आज आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी अपनी ही कर्मभूमि गोरखपुर में स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के लिए ऑक्सीजन खरीद में हर महीने पांच लाख रुपये का घोटाला हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 16 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से लिक्विड ऑक्सीजन खरीदी जाती थी। लेकिन पिछले साल 10 अगस्त के बाद से सरकार ने राजस्थान की एक कम्पनी से 19 रुपये 39 पैसे के हिसाब से गैस खरीदनी शुरू कर दी। इस तरह हर माह पांच लाख रुपये का घोटाला हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में हर महीने 1.20 लाख लीटर से लेकर 1.50 लाख लीटर ऑक्सीजन की खपत होती है। अगस्त माह में संक्रामक रोग ज्यादा फैलने की वजह से ऑक्सीजन की खपत और भी बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हर दिन इन्सैफेलाइटिस से होने वाली मौत का आंकड़ा सार्वजनिक करने पर अब रोक लगा दी है। वहीं पिछली अखिलेश यादव सरकार ने मेडिकल कॉलेज को रोजाना भर्ती किये जाने वाले मरीजों, मरने वाले रोगियों इत्यादि का आंकड़ा रोज अपराह्न चार बजे तक जारी करने के निर्देश दिये थे। हालांकि भाजपा की महानगर इकाई के अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव ने सपा जिलाध्यक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि ऑक्सीजन के दामों में जीएसटी की वजह से बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें घोटाले जैसी कोई बात नहीं है।

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