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बिहार: मुस्लिम महिला ने सरकार से शौचालय निर्माण के लिए मांगा था पैसा, न मिलने पर भीख मांग बनाया शौचालय

देश में खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वांकांक्षी स्वौच्छि भारत अभियान योजना को लागू किया है। इसके तहत शौचालय निर्माण के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। खुले में शौच के मामले में बिहार का हाल बहुत बुरा है और यहाँ जब एक महिला ने शौचालय निर्माण के लिए पैसा माँगा तो उसको अनसुना कर दिया गया जिसके बाद उसने भीक मांग कर शौचालय बनाया।

दरअसल बिहार की खुले में शौच करने के मामले हालत काफी खस्ता है और हलाकि राज्य सरकार ने स्वौच्छ भारत मिशन-ग्रामीण योजना के तहत बिहार को 2 अक्टूाबर, 2019 तक खुले में शौच से मुक्त- रखने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सैंकड़ों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बावजूद जब सुपौल जिले के पिपरा ब्लॉकक में स्थित बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र के पथरा उत्तकर गांव की अमीना खातून नाम की महिला ने शौचालय बनाने के लिए पैसा मांगा तो उसे अनसुना कर दिया गया जिसके बाद उसने हिम्मत न हारते हुए भीक मांग कर शौचालय बनाया।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार अमीना के पति का निधन हो चुका है और इस समय उसका एक बीटा है। अमीना के पास शौचालय बनाने के लिए पैसे नहीं थे। इसके लिए उन्होंाने स्विच्छ भारत अभियान के तहत ब्लॉनक के अधिकारियों से फंड आवंटित करने की गुहार लगाई थी, लेकिन अफसरों ने उनकी एक न सुनी। अमीना ने हिम्मेत नहीं हारी। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि उन्होंनने शौचालय बनाने के लिए आसपास के गांवों में भीख मांगनी शुरू कर दी। धीरे-धीरे उनके पास टॉयलेट निर्माण के लिए पैसे इकट्ठे हो गए। इसके बाद अमीना ने एक राजमिस्त्रीा और एक मजदूर को काम पर रखा था, लेकिन शौचालय बनाने के प्रति अमीना की प्रतिबद्धता को देखते हुए दोनों ने पैसे लेने से इनकार कर दिया था। उनके इस प्रयास को देखते हुए जिला प्रशासन ने रविवार (11 फरवरी) को उन्हें सम्माानित किया।

रिपोर्ट के अनुसार अमीना के पति का पहले ही निधन हो चुका है और उनका एक बेटा है। वह मेहनत मजदूरी कर अपना और अपने बच्चेी का पेट भरती हैं। अमीना ने दावा किया कि उन्हों ने टॉयलेट बनाने के लिए फंड देने को लेकर ब्लॉाक स्ततर के अधिकारियों के पास आवेदन किया था, लेकिन अफसरों ने उनकी बात अनसुनी कर दी थी।

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