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विवादों के बावजूद नवाज़ शरीफ बोले- अपने बयान पर कायम हूँ

पिछले काफी समय से न सिर्फ भारत बल्कि कई और देशों ने पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा 2008 में मुंबई आतंकी हमलों में संलिप्त होने का दावा किया था, हालांकि पाकिस्तान इसे शुरू से ही इनकार कर रहा है। अब जबकि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ऐसा बयान आया है तो पाकिस्तान मुंह छुपा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व पीएम के बयान के बाद पकिस्तान में विवाद खड़ा हो गया है वही अब पूर्व पीएम ने विवादों के बावजूद अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है।

दरअसल पाकिस्तानी अखबार डॉन को दिए इंटरव्यू में पकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान में अभी भी आतंकी संगठन सक्रिय हैं। क्या हम उन्हें सीमा पार कर मुंबई में घुसकर 150 लोगों को मारने का आदेश दे सकते हैं?क्या कोई मुझे इस बात का जवाब देगा? हम तो केस भी पूरा नहीं चलने देते। नवाज़ शरीफ के इस बयान के बाद पकिस्तान में नए विवादों ने जन्म ले लिया था और सभी विपक्षी नेताओं ने इसका विरोध किया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार नवाज़ के इस बयान पर पाक तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने कहा कि शरीफ, नरेंद्र मोदी की भाषा बोल रहे हैं। वे पाकिस्तान के दुश्मनों की मदद कर रहे है, जिससे देश को नुकसान हो सकता है। वही नवाज़ की पार्टी PML-N ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। नवाज़ शरीफ के प्रवक्ता ने कहा कि नवाज शरीफ के मुंबई हमलों पर दिए गए बयान को भारतीय मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। ये भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में इस बात को लेकर हंगामा मचा। मीडिया ने जो बातें सामने रखीं, उसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं थी। पीएमएल-एन देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है और नवाज शरीफ उसके बड़े नेता है। उन्हें अपनी प्रतिबद्धताओं और क्षमताओं के लिए किसी को कोई सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है। वो नवाज शरीफ ही थे, जिन्होंने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे कठिन फैसला लिया। इसके बाद पाक ने मई, 1998 में परमाणु परीक्षण किया।

अब इस बयान पर जन्मे विवादों के बीच पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने एक बार फिर कहा है कि वह अपने बयान पर कायम हैं। शरीफ ने कहा है कि अपने इंटरव्यू में उन्होंने कोई भी बात गलत नहीं कही है। सच बोलना उनका अधिकार है और वह आगे भी सच बोलते रहेंगे। उनके बयान पर विवाद बढ़ते ही शरीफ ने कहा कि मैंने मुंबई हमले पर सवाल किया था, जिसका मुझे जवाब मिलना चाहिए था।

गौरतलब है कि मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले में सैकड़ो लोगो की जान चली गई थी हालांकि भारत के बहादुर पुत्रो ने देश की और जनता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर आतंकियों से लोहा लिया था और उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले के बाद भारत ने कई बार प्रयास कर पकिस्तान को हमले पर सबूत देकर कार्यवाई करने की मांग की थी हालांकि पकिस्तान हमेशा से ही इन हमलो में अपना हाथ होने को नकारता आया है।

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