Home > वायरल > अपने अधिकारों के लिए आंदोलित किसानो को ‘यह’ लोग बता रहे हैं वामपंथी

अपने अधिकारों के लिए आंदोलित किसानो को ‘यह’ लोग बता रहे हैं वामपंथी

महाराष्ट्र के किसानों का एक बड़ा हिस्सा आज मुंबई के आज़ाद मैदान में जमा हुआ है और दिन में महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करेंगे। लेकिन इनके दुखों और मांगों को समझने के बजाए, सोशल मीडिया पर एक तबका इन किसानो को वामपंथी बता रहा है।

इस मामले पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट कर लिखा कि, “कल तक किसान “अन्नदाता” था, आज अपना हक़ माँगने लगा तो “वामपंथी” हो गया,अरे कुछ तो शर्म करो…!”

किसानो की इस पैदल यात्रा को भले ही पुरे देश से समर्थन मिल रहा हो लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो किसानो के धरने को वामपंथी विचारधारा बता रहे है।

ये भी पढ़ें:  URGENT: शराबी कार चालक का शिकार हुए इन 2 युवकों को है आपकी ज़रूरत, ज़िन्दगी-मौत के बीच झूल रहे हैं

एक ट्विटर यूज़र गन्धर्व झा ने ट्वीट कर लिखा कि, “महाराष्ट्र मे वाकई किसान कर्ज से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे है तो लाल टोपी और वामपंथी झंडा पकड़कर ही क्यू? देश का झंडा क्यू नही पकड़े ??
सर्तक रहे #वामपंथी वाले मोटी रकम और पिज्जा खिलाकर प्रदर्शन करवा रहा है ताकि किसानो की कवज मे वामपंथी झंडा बुलंद किया जा सके #वामपंथी_विचारधारा”

वहीँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फॉलो किये गए जीतेन्द्र प्रताप सिंह ने किसान पद यात्रा को कासगंज हिंसा से जुडी तिरंगा यात्रा से जोड़ डाला। उनका यह कथन पीएम मोदी के किसानो पर विचार से परे है।

ये भी पढ़ें:  लुधियाना नगर निगम चुनाव नतीजे: कांग्रेस ने 62 वार्ड में बढ़त, दूसरे नंबर पर भाजपा

जीतेन्द्र प्रताप सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि, “उप्र की तिरंगा यात्रा में एक भगवा झंडे के कारण कुछ चैनलों ने चंदन की हत्या को जायज ठहरा दिया था! महाराष्ट्र में तो हंसिया-हथौड़ा वाले लाल झंडा के साथ किसान निकले हैं! अब ये चैनल और पत्रकार ‘वामपंथी किसान’ का मार्च क्यों नहीं बोलते?”

ये भी पढ़ें:  देखें वीडियो: यूपी में भाजपा नेता ने किया महिला एसपी का सबके सामने अपमान, खुले आम दी धमकी

https://twitter.com/jpsin1/status/973092781001465856